भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा के 15 किमी के भीतर मौजूद सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने का कठोर आदेश दिया। यह कदम शून्य‑सहनशीलता नीति के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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अमित शाह ने आज दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत-चीन, भारत-नेपाल, भारत-भूटान तथा भारत- पाकिस्तान सीमाओं के निकट बनी अनधिकृत इमारतें, बुनियादी ढांचा और अन्य ढाँचों को तुरंत हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, "किसी भी प्रकार की अनधिकृत निर्माण कार्य को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी नियमों की अवहेलना करेगा, उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।"
इस आदेश के अंतर्गत सभी राज्य और स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को 48 घंटे के भीतर एक कार्ययोजना बनाकर गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार ने विशेष निगरानी टीमें तैयार की हैं जो सीमा के निकट के क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करेंगी।
प्रभाव और महत्व
सीमा के पास अवैध संरचनाओं को हटाने से रणनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा खतरे कम होंगे, साथ ही जमीनी स्तर पर क़ानून का पालन सुनिश्चित होगा। यह कदम न केवल आतंकवादियों और अवैध प्रवासियों के छिपने के स्थान को सीमित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय प्राकृति संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगा। आर्थिक दृष्टि से, वैध निर्माण को प्रोत्साहन मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कौन‑सी संरचनाओं को ध्वस्त किया जाएगा?
उत्तर: सभी बिल्डिंग, घर, दुकान, गोदाम, छोटे उद्योग और अन्य कोई भी निर्माण जो सीमा के 15 किमी के भीतर बिना अनुमति के बनाये गये हों, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
प्रश्न 2: यदि कोई निर्माण वैध लाइसेंस रखता है तो क्या वह भी प्रभावित होगा?
उत्तर: नहीं। केवल वही संरचनाएँ जिन्हें कानूनी अनुमति नहीं मिली है, उन्हें ही ध्वस्त किया जाएगा; वैध लाइसेंसधारी निर्माण को सुरक्षित रखा जाएगा।
अमित शाह की इस कड़ी कार्रवाई से सीमा सुरक्षा में मजबूती आएगी और देश के क़ानून का सम्मान सुनिश्चित होगा।





