उत्ताखंड और गुजरात के बाद असम में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस कदम को सामाजिक एकता और कानूनी समानता के हित में बताया है।
मुख्य घोषणा और कार्यवाही
असम की विधानसभा में इस सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाई गई, जहाँ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2024 के मध्य तक UCC को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में सभी धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों को हटाकर एक समान नागरिक कानून स्थापित किया जाएगा, जिससे रिश्ते, विरासत और विवाह से जुड़े विवादों में स्पष्टता आएगी।
राज्य के विधायी सलाहकार ने बताया कि नई विधि में मौजूदा व्यक्तिगत कानूनों के तहत दी गई विशिष्ट धारा को निरस्त किया जाएगा और एक ही कोड के तहत सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए एक व्यापक सार्वजनिक परामर्श भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी सामाजिक समूहों को भाग लेने का अवसर मिलेगा।
प्रभाव और महत्व
UCC का असम में लागू होना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगा और न्यायिक प्रक्रियाओं को सुस्पष्ट करेगा। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत नागरिक कानून की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है, जिससे विविध धार्मिक समुदायों के बीच समानता और न्याय सुनिश्चित होगा। साथ ही, यह निवेशकों के लिए अधिक स्पष्ट कानूनी ढांचा प्रदान कर आर्थिक विकास को भी गति दे सकता है।
FAQs
प्रश्न: यूनिफॉर्म सिविल कोड असम में कब लागू होगा?
उत्तर: राज्य सरकार ने लक्ष्य 2024 के मध्य तक कोड को पूरी तरह लागू करने का निर्धारण किया है, लेकिन अंतिम तिथि पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुनरावलोकन हो सकता है।
प्रश्न: क्या इस कोड से व्यक्तिगत धार्मिक कानूनों को पूरी तरह हटाया जाएगा?
उत्तर: हाँ, UCC के तहत सभी धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों को समाप्त कर एक समान नागरिक कानून लागू किया जाएगा, जिससे सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे।





