एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़े पैमाने पर कटौती के बाद, इस गर्मी में 22% घरेलू उड़ानों को भी घटाने की घोषणा की। यह कदम कंपनी के लागत कम करने और लिक्विडिटी सुधारने के व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है।
मुख्य समाचार
विमानन नियामक DGCA को भेजे गए विवरण के अनुसार, एयर इंडिया ने 1 जून से शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन शेड्यूल में कुल 75 घरेलू रूट्स को घटाया है, जिससे मौसमी यात्रा मांग में गिरावट को ध्यान में रखा गया है। प्रमुख हब जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई पर उड़ान आवृत्ति में 2‑3 बार की कटौती की जाएगी।
कंपनी के सीईओ अमित सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और उच्च ईंधन कीमतों के कारण, कंपनी को पहले अंतरराष्ट्रीय संचालन को सुदृढ़ करना पड़ा, और अब घरेलू नेटवर्क को भी आर्थिक रूप से अनुकूल बनाना आवश्यक है। इस फैसले से एयर इंडिया के मौजूदा कोड‑शेयर पार्टनर्स और यात्रा एजेंसियों को पुनः योजना बनानी पड़ेगी।
प्रभाव और महत्व
घरेलू उड़ानों की इस कटौती से यात्रा की कीमतें अस्थायी रूप से बढ़ सकती हैं और यात्रियों को वैकल्पिक एयरलाइन या बुकिंग समय में बदलाव करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति में सुधार और नकदी प्रवाह स्थिर करने की आशा है, जिससे दीर्घकालिक रूप से सेवाओं की गुणवत्ता और नेटवर्क विस्तार में मदद मिलेगी। यह कदम भारतीय विमानन उद्योग में प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन को भी प्रभावित करेगा, क्योंकि लो-कोस्ट कैरियर्स इस अवसर का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।


