ग़ाज़ियाबाद के खोड़ा इलाके में छात्र सूर्या बिश्नोई की हत्या के मुख्य आरोपी असद लोधरी (उपनाम असद) को 30 जून को पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में मार दिया गया। पुलिस ने बताया कि असद ने बख्तरबंद वाहन से भागने की कोशिश के दौरान सुरक्षा कर्मियों को गोली मारी, जिसके बाद उसे गोली मार कर मार दिया गया।
पुलिस के अनुसार, असद ने एक बड़े बुलडोजर को अपने घर के बाहर लटका कर उसे चलाने की कोशिश की, जिससे वह पकड़ा गया। जब उसे हिरासत में ले रहे थे, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर गोलीबारी की। इससे बचाव में मौजूद दंडक बल के एक जवान को हल्का जख्म हुआ, पर असद को गंभीर जख्मों से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद असद को मारा गया और उसकी पहचान फिर से पुष्टि की गई।
सूर्या के परिवार ने इस एनकाउंटर को लेकर मिश्रित भावनाएँ जताई। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि न्याय मिला, पर साथ ही माँ ने कहा कि अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं और सत्य की पूरी जाँच की जरूरत है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाकर आगे की जाँच जारी है।
प्रभाव और महत्व
यह घटना ग़ाज़ियाबाद में बढ़ते अपराध और गुप्त-धन के प्रयोग को लेकर सार्वजनिक चिंता को और बढ़ा रही है। एनकाउंटर के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल मची है; कई नेता इसे सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई के रूप में सराह रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे पुलिस के अत्यधिक प्रयोग का मामला बता रहे हैं। इस केस का नतीजा भविष्य में पुलिस-जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।



