दिल्ली के मालवीय नगर में शाम 6 बजे एक होटल‑रेस्टोरेंट में लगी भयानक आग ने 12 विदेशी नागरिकों और कई भारतीय यात्रियों को घेर लिया। लेकिन तेज़ी से निकले बचाव उपायों से अधिकांश लोग कूद‑कूद कर सुरक्षित बाहर निकल पाए।
आग का कारण अभी जांच के अधीन है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि रसोई में लगे गैस सिलेंडर में लीक के कारण विस्फोट हुआ। होटल के मालिक, जो पहले लुकआउट नोटिस के तहत थे, को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। फाइल रफा‑दफा करने की कोशिश करने वाले मालिक को अब कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।
इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने लखनऊ में 290 होटलों के सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है। बांग्लादेश, नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और लाइबेरिया के नागरिकों सहित 12 विदेशी शहीद हुए, जबकि 8 भारतीयों की मौत एक ही परिवार में हुई। यह त्रासदी होटल सुरक्षा मानकों की गंभीर कमियों को उजागर करती है।
प्रभाव और महत्व
मालवीय नगर अग्निकांड ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होटल उद्योग में सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा की मांग को तेज़ कर दिया है। विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या में मौतें भारत के पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए सरकार ने त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने का संकल्प लिया है। सुरक्षा ऑडिट और कड़े लाइसेंसिंग नियमों के साथ भविष्य में ऐसे हादसे रोकने की आशा है।



