तमिलनाडु के नई सरकार के प्रमुख सी. जोसेफ विजे ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 20 मिनट की आधिकारिक बैठक की। यह उनकी सत्ता में आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की पहली मुलाकात थी, जिसमें उन्होंने राज्य गान और मेकेडाटु जल परियोजना से जुड़ी प्रमुख मांगें रखी।
बैठक का मुख्य एजेंडा
बैठक में विजे ने तमिलनाडु के राज्य गान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की अपील की, यह कहते हुए कि यह गान राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में गान को सार्वजनिक समारोहों में उपयोग करने में कई बाधाएँ आती हैं, जिन्हें संसद में सुधार की आवश्यकता है।
इसके अलावा, विजे ने मेकेडाटु जल परियोजना को तेज करने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट दक्षिण भारत में जल सुरक्षा और कृषि विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, परन्तु अब तक कई अनुमोदन और वित्तीय बोझों के कारण प्रगति धीमी है। पीएम मोदी ने इन मुद्दों को सुनते हुए तत्काल कार्यवाही का आश्वासन दिया।
प्रभाव और महत्व
विजे की मांगें दोनों ही क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव रखती हैं। राज्य गान को राष्ट्रीय मान्यता मिलने से तमिलनाडु की सांस्कृतिक अभिमान की पुष्टि होगी, जबकि मेकेडाटु परियोजना की तेज़ी से कार्यान्वयन से जल संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सकती है। इस मुलाकात से केंद्र-राज्य संबंधों में सहयोगी स्वर बनता दिख रहा है, जो भविष्य में अन्य राज्यों की समान माँगों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
निष्कर्ष
विजे की 20 मिनट की संक्षिप्त मुलाकात ने दो प्रमुख मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर लाया, जो आगामी नीति चर्चाओं में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।







