तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि और डॉलर की तेज़ी से दबाव में आ गई हैं भारत की दो प्रमुख एयरलाइनों – IndiGo और Air India. 1 जून से इन दोनों ने घरेलू उड़ानों की संख्या घटाने और किराया बढ़ाने का फैसला किया है.
एयर इंडिया ने कहा है कि उच्च फ्यूल कॉस्ट के कारण वह अपने घरेलू नेटवर्क में 22% तक की कटौती करेगी, जबकि IndiGo अपने कुछ प्रमुख राजमार्गों पर हफ्ते में दो से तीन बार की उड़ानों को घटा रही है। दोनों कंपनियों ने बताया कि यह कदम अस्थायी है और बाजार की स्थितियों में सुधार होने पर फिर से समीक्षा की जाएगी.
इन बदलावों से व्यापार यात्रियों और सामान्य यात्रियों दोनों पर असर पड़ेगा। टिकट की कीमतों में 10-15% तक की बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि कुछ शहरों के बीच की सीधी कनेक्टिविटी कम हो सकती है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग, लवचिक तारीखें या अग्रिम बुकिंग के माध्यम से बचत करने की सलाह दी जा रही है.
प्रभाव और महत्व
उड़ानों की कटौती से एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे नई एयरलाइनों या लो-कोस्ट कैरियर्स को बाजार में प्रवेश का मौका मिल सकता है। साथ ही, यात्रियों को योजना बनाते समय फ्यूल प्राइस और डॉलर रेट की निगरानी करनी पड़ेगी, जिससे यात्रा खर्च में अनिश्चितता बढ़ेगी.


