अंध्र प्रदेश इलेक्ट्रिक पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APEPDCL) ने वित्तीय वर्ष 2025‑26 में अपने वितरण नुकसान को इतिहास में सबसे कम 5.61% पर ले जाकर एक मील का पत्थर स्थापित किया। इस उपलब्धि के बाद चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर इ. प्रध्वितेज ने 2026‑27 के लिए 5% वितरण नुकसान का लक्ष्य रखा है।
कंपनी ने बताया कि यह उल्लेखनीय सुधार स्मार्ट मीटरिंग, ऊर्जा ऑडिटिंग और फीडर उत्तरदायित्व प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन से संभव हुआ। 2025‑26 में 2.4 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित बिलिंग में से केवल 13.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.2 अंक से कम है। प्रध्वितेज ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में डिजिटल तकनीक, डेटा‑ड्रिवेन एनालिटिक्स और उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ी से लागू किया जाएगा।
APEPDCL ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 1.2 लाख स्मार्ट मीटरों की तैनाती, 18,000 किमी फीडर पर रियल‑टाइम मॉनिटरिंग और वार्षिक ऊर्जा ऑडिट कार्यक्रम को अनिवार्य करने की योजना बनाई है। साथ ही, क्षेत्रीय डिस्पैचर और तकनीकी टीमों को फीडर प्रदर्शन के आधार पर KPI‑आधारित इनाम प्रणाली भी लागू की जाएगी।
प्रभाव और महत्त्व
वितरण नुकसान में यह गिरावट न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल को घटाएगी, बल्कि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता को भी सुदृढ़ करेगी। कम नुकसान से कंपनी की राजस्व में सुधार होगा, जिससे भविष्य में नई औद्योगिक परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में निवेश की संभावनाएँ बढ़ेंगी। साथ ही, स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार से उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में उपभोग की जानकारी मिल सकेगी, जिससे ऊर्जा बचत की संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: वितरण नुकसान को 5% तक कम करने के लिए APEPDCL कौन‑सी प्रमुख तकनीकें अपनाएगा?
उ: कंपनी स्मार्ट मीटर, फीडर रियल‑टाइम मॉनिटरिंग, ऊर्जा ऑडिटिंग और KPI‑आधारित फीडर उत्तरदायित्व प्रणाली को मुख्य उपकरण के रूप में उपयोग करेगी।
प्र: इस लक्ष्य को प्राप्त करने से राज्य की बिजली की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
उ: वितरण नुकसान घटने से कंपनी की लागत कम होगी, जिससे दीर्घकालिक में उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में स्थिरता या हल्का गिरावट संभव है।
APEPDCL की यह पहल ऊर्जा दक्षता और उपभोक्ता हित में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अन्य विद्युत वितरण कंपनियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।





