केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही सुबह-सुबह उनके घर और 12 अन्य ठिकानों पर भारतीय राजस्व सेवा (ED) ने एकसाथ छापे मारे। यह कार्रवाई उनकी बेटी की IT कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के अन्तर्गत की गई।
ED ने बताया कि 2024 में दर्ज इस केस में वित्तीय धोखाधड़ी, अनधिकृत लेन‑देनों और विदेशी मुद्रा अपहरण के आरोपों की जाँच चल रही है। एजेंसी ने विजयन, उनकी पत्नी, बेटी और कई सहयोगियों को हिरासत में लेने की तैयारी बताई, जबकि घर पर मौजूद सभी अधिकारियों को सुबह‑सुबह घर लेकर आए।
छापेमारी के दौरान 10 ठिकानों पर आधिकारिक दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए। इस कार्रवाई को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने ‘राजनीति से प्रेरित’ कहा, जबकि CPIM महासचिव बेबी ने इसे ‘कूड़ेदान में फेंके गए केस’ के रूप में खारिज किया।
प्रभाव और महत्त्व
यह कदम केरल की राजनीति में तनाव को बढ़ा सकता है, क्योंकि विजयन की सत्ता में वापसी को कई वर्गों ने समर्थन दिया था। साथ ही, यह केस मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानूनों की कड़ी लागू करने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है, जिससे अन्य राजनेताओं और व्यवसायियों पर भी सतर्कता बढ़ेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: इस केस में मुख्य आरोप क्या हैं?
A1: मुख्य आरोपों में बेटी की IT कंपनी के माध्यम से अवैध धन को विदेश में स्थानांतरित करना, फर्जी लेन‑देनों के जरिए कर चोरी और विदेशी मुद्रा नियमन का उल्लंघन शामिल है।
Q2: क्या विजयन और उनके परिवार को गिरफ़्तार किया गया है?
A2: अभी तक विजयन और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ़्तार नहीं किया गया है, लेकिन ED ने उन्हें हिरासत में रखने की संभावना जताई है और आगे की जाँच जारी है।




