केरल में कांग्रेस और भाजपा के बीच ईडी (आयकर जांच) के उपयोग को लेकर सीपीआई(एम) ने तीखा हमला किया। पार्टी ने कहा कि ruling कांग्रेस‑बाजपा गठबंधन विरोधी नेताओं को डराने‑धमकाने के लिए ईडी का प्रयोग कर रहा है।
सीपीआई(एम) के प्रवक्ता ने कहा कि केरल की वर्तमान सरकार, जो राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस‑बाजपा गठबंधन का हिस्सा है, वह दिल्ली में भाजपा की ‘ईडी की लत’ को अपनाते हुए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रणनीति विपक्षी नेताओं को अपनी सच्ची विचारधारा से दूर कर के गठबंधन में खींचने की कोशिश है।
केरल में हाल ही में कई प्रमुख विपक्षी राजनेताओं के खिलाफ आयकर जांच शुरू हो चुकी है, जिनमें कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं। सीपीआई(एम) ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक दबाव के रूप में उजागर किया और राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के क्षरण की ओर इशारा किया।
प्रभाव और महत्व
यदि सीपीआई(एम) के आरोप सच्चे साबित होते हैं, तो यह केरल की राजनैतिक स्थिरता और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस‑बाजपा गठबंधन की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। इस मुद्दे पर सार्वजनिक राय और मीडिया की प्रतिक्रिया केरल में आगे के चुनावी समीकरणों को भी बदल सकती है। साथ ही, यह मामला केंद्र सरकार की आर्थिक जांच एजेंसियों के प्रयोग को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस को जन्म दे सकता है।





