भारत में लगातार बढ़ती तापमान के चलते सरकार ने हीटवेव से निपटने हेतु ‘पूरा‑राष्ट्र’ अप्रोच अपनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में सभी सरकारी इकाइयों को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री के प्रश्न पर मुख्य सचिव आश्विन वैष्णव ने बताया कि प्रत्येक मंत्रालय और विभाग अपनी-अपनी कार्यवाही तय करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने already राज्य सरकारों से संवाद स्थापित कर लिया है और सहयोगी उपायों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस योजना में जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, स्वास्थ्य चेतावनी प्रणाली और आपातकालीन राहत उपाय शामिल होंगे।
विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के बाद, वैष्णव ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के साथ समन्वय बढ़ा रहा है, ताकि जल संकट, ऊर्जा अधिभार और स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके। इस पहल में जल आपूर्ति, कूलिंग सेंटर और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह सम्पूर्ण राष्ट्र अप्रोच न केवल मौसमी कठिनाइयों को कम करेगा, बल्कि भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक लचीला बनाएगा। सरकारी और राज्य स्तर पर त्वरित कार्रवाई से जनजीवन में सुधार, स्वास्थ्य जोखिमों में कमी और आर्थिक नुकसान की घटती दर की उम्मीद है।





