चौथी समूह (Quad) देशों - अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया - ने अपनी रणनीतिक समन्वय की संज्ञा को बदल दिया है। उच्च-प्रोफ़ाइल वाले व्यावहारिक सम्मेलनों की जगह अब वे गुप्त और गहरे स्तर पर काम कर रहे हैं। यह परिवर्तन चीन के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की कोशिश में हुआ है।
पिछले कुछ सम्मेलनों में देखा गया था कि Quad के सदस्य देशों ने व्यापक घोषणाओं की बजाय विशिष्ट पहलों पर ध्यान केंद्रित किया है। उदाहरण के तौर पर, भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त रूप से सशক्तिकरण सम्पदा (सेंटर ऑफ़ वर्ज़न) में सहयोग, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ तकनीकी सहयोग, और समुद्री सुरक्षा में व्यापक समन्वय जैसे कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही, चीन के साथ सम्पर्क में सुधार की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
क्वॉड की इस नई रणनीति का मतलब है कि वे अब व्यावहारिक परियोजनाओं और सूक्ष्म स्तर के सहयोग पर ज़्यादा ध्यान देंगे। इसमें स्वास्थ्य, ऊर्जा, और सूचना तकनीक (IT) क्षेत्रों में साझा प्रयास शामिल हैं। इससे व्यापक सम्मेलनों की तुलना में निरंतर सहयोग संभव होगा और इसकी व्याख्या भी कई क्षेत्रों में होगी।





