तमिलनाडु के कूनूर में इस सप्ताह एक अनोखा इवेंट आयोजित किया गया, जहाँ टन‑टन भरावन वाले फलों से जुरासिक वर्ल्ड जैसा सेट तैयार किया गया। इस आकर्षक प्रदर्शनी को देखकर पर्यटक और स्थानीय लोग gleicher रूप से मंत्रमुग्ध हो गए।
इवेंट की प्रमुख झलकियाँ
कूनूर के हिल स्टेशन पर 5 टन से अधिक विभिन्न प्रकार के फल—अमरूद, अनानास, तरबूज, स्ट्रॉबेरी और कीवी—का उपयोग कर एक विशाल प्राचीन जुरासिक परिदृश्य बनाया गया। प्रत्येक फल को सावधानीपूर्वक कट कर, पेड़‑पौधों और डायनासोर की प्रतिकृति के रूप में व्यवस्थित किया गया। स्थानीय कलाकारों ने फलों को पेंट कर जुरासिक जीवों की जीवंत छवियों में बदल दिया, जिससे यह दृश्य और भी प्रभावशाली बन गया।
इवेंट का आयोजन कूनूर टूरिज़्म डिस्ट्रिक्ट और शैक्षिक संस्था ‘ग्रीन फ्यूचर’ ने मिलकर किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय किसानों को उनके उत्पादों के नए उपयोगों की दिशा दिखाना था। दर्शकों ने फलों के साथ फोटो‑सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर #FruitJurassicWorld हैशटैग के साथ शेयर किया, जिससे यह इवेंट राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पाई।
प्रभाव और महत्व
यह अनोखा प्रोजेक्ट न केवल कूनूर की पर्यटन आकर्षण को बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्रदान कर रहा है। फल के उपयोग से बने इस जुरासिक वर्ल्ड ने पर्यावरणीय संदेश को रचनात्मक रूप में पेश किया, जिससे बच्चों में सतत खेती और कचरे की कमी के प्रति जागरूकता फलीभूत हुई। इस पहल को कई पर्यावरण विशेषज्ञों ने ‘इको‑क्रिएटिविटी’ का उदाहरण माना है।



