तमिलनाडु में लगातार बिजली कटौती से जनता में असंतोष बढ़ रहा है, और भाजपा तमिलनाडु के प्रमुख नैनर नगेनथ्रन ने मुख्यमंत्री विजय को इस मुद्दे पर कठोर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विधानसभा में सरकार की ऊर्जा नीतियों को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
नगेनथ्रन ने एक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री विजय कौन से कदम उठाने वाले हैं जिससे तमिलनाडु की पावर जेनरेशन में आत्मनिर्भरता बढ़े? उन्हें इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से विधानसभा में घोषित करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर तुरंत ठोस उपाय नहीं निकाले गए तो राज्य की आर्थिक विकास योजना को गंभीर खतरा हो सकता है।
मुख्यमंत्री विजय ने अभी तक इस प्रश्न का सार्वजनिक रूप से उत्तर नहीं दिया है, लेकिन राज्य के ऊर्जा विभाग ने कहा है कि नई सोलर और थर्मल पावर प्लांट्स की योजना जल्द ही लागू की जाएगी। विपक्षी नेताओं ने इस पर सरकार की धीमी गति की आलोचना की है, जबकि उद्योग प्रतिनिधियों ने ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति के महत्व पर बल दिया है।
प्रभाव और महत्व
बिजली कटौती न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करती है, बल्कि उद्योग, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर असर डालती है। यदि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में सुधार नहीं हुआ, तो निवेशकों का भरोसा कम हो सकता है और आर्थिक विकास दर घट सकती है। नगेनथ्रन के प्रश्नों से यह स्पष्ट होता है कि आगामी विधानसभा सत्र में ऊर्जा नीति को प्रमुख चर्चा का विषय बनाया जाएगा, जिससे नीति निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ेगी।






