बकरीद के अवसर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों की एक बड़े पैमाने पर घर वापसी ने पश्चिम बंगाल के हाकिमपुर सीमा पर अफरा‑तफरी मचा दी। 24 परगना से लेकर मालदा तक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं।
सीमा पर भीड़ और घुसपैठियों की स्थिति
हाकिमपुर सीमा पर हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई, जहाँ घुसपैठियों ने "हमें वापस बांग्लादेश भेज दो" का नारा लगाते हुए अपना अधिकार मांगते हुए पुलिस को चुनौती दी। कई दर्शकों ने मोबाइल कैमरों से वीडियो और फोटो ले ली, जिनमें घुसपैठियों के हाथ में पकड़े कागज़ और उनके चेहरे पर तनाव स्पष्ट दिखता है।
मुख्यमंत्री शुबेंदु की कड़ी चेतावनी
वेस्ट बंगाल के मुख्यमंत्री शुबेंदु ने घुसपैठियों को "दामाद नहीं" कहकर स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा, बल्कि तुरंत देश वापसी करने को कहा गया। उन्होंने कहा, "यहाँ से जल्दी भागो, नहीं तो कड़ी कार्रवाई होगी।" उनकी यह बात स्थानीय मीडिया और सोशल नेटवर्क पर तीव्र चर्चा का विषय बनी।
प्रभाव और महत्व
यह घटना भारत‑बांग्लादेश सीमा सुरक्षा में खामियों को उजागर करती है और बकरीद जैसे बड़े त्यौहार के दौरान अनुशासन बनाए रखने की चुनौती को रेखांकित करती है। सरकार को अब कड़ी सुरक्षा उपायों के साथ साथ मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



