अंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शर्मिला टीडीपी पर तीखा प्रहार करती हुई कहती हैं कि जब पार्टी सत्ता में थी तो यशराज और राजाराज के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने वर्तमान गठबंधन सरकार की ‘सस्ती राजनीति’ की भी निंदा की।
शर्मिला ने बताया कि टीडीपी ने पहले अपने ही नेताओं पर लगाए गए आरोपों को नज़रअंदाज़ किया, जबकि अब वे वही नेताओं को सार्वजनिक रूप से बयानों में निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, यह दोहरे मानक का स्पष्ट उदाहरण है और यह दर्शाता है कि सत्ता में रहने पर ही पार्टियों की नीति बदलती है।
रूढ़िवादी टीडीपी ने अभी तक इस आरोप पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला राजनीतिक नाटक है और कांग्रेस की आलोचना का उद्देश्य अपनी ही छवि को बचाना है। विरोधी पार्टियों के बीच यह विवाद आगे बढ़ते ही चुनावी माहौल को और गरम कर सकता है।
प्रभाव और महत्व
इस विवाद से अंध्र प्रदेश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ तीखे बयान दे रहे हैं। यदि टीडीपी इस मुद्दे को सही तरीके से संभाल नहीं पाती, तो यह उनकी आगामी चुनावी रणनीति को नुकसान पहुँचा सकता है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह अवसर है कि वे सत्ता में न रहने की स्थिति का उपयोग करके विरोधी दल की असंगतियों को उजागर करें।




