ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की पाबंदी हटाने के लिए शांति समझौते का प्रारम्भिक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिससे इस रणनीतिक मार्ग पर फिर से व्यापारिक जहाज़ों की आवाजाही संभव हो सकती है। दोनों पक्षों ने कहा है कि एक महीने के भीतर इस समझौते को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि समझौते के तहत ईरान अपनी नाकेबंदी हटाएगा और बदले में अमेरिकी नौसैनिक बलों को इस क्षेत्र में पुनः तैनात करने की अनुमति देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वार्ता अभी तक संतोषजनक नहीं है, परन्तु दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने इस कदम को मध्य‑पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना है।
यदि समझौता लागू हो जाता है, तो होर्मुज के माध्यम से विश्व तेल की दैनिक आपूर्ति में 20% तक वृद्धि की संभावना है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में स्थिरता आएगी, और शिपिंग कंपनियों को आर्थिक लाभ होगा। लेकिन कुछ विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि स्थायी शांति के लिए व्यापक राजनैतिक समाधान आवश्यक है।
प्रभाव और महत्व
होर्मुज का पुनः खुलना अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल बाजार और समुद्री सुरक्षा को सीधे प्रभावित करेगा। यह कदम ईरान-अमेरिका संबंधों में नए संवाद के द्वार खोल सकता है, जिससे भविष्य में और अधिक कूटनीतिक पहलें संभव हो सकती हैं।


