अमेरिका ने इराक और सीरिया में ईरानी रडार एवं ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर हमला किया, लेकिन उन हमलों के बाद ईरान ने अपने भूमिगत मिसाइल बंकरों को फिर से खोल दिया। यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को और अस्थिर कर सकता है।
ईरान की नई रणनीति
तेहरान ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि वह अपने अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स को पुनः संचालन में लाया है। इन बंकरों में लगभग 1,000 प्रॉक्सिमिटी और बलिस्टिक मिसाइलें रखी हुई थीं, जो पहले ड्रोन और फाइटर जेट बमबारी के कारण क्षतिग्रस्त माने गए थे। अब इरान का दावा है कि सभी प्रणालियां फिर से कार्यशील हैं और वे किसी भी संभावित अमेरिकी या इज़रायली हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमेरिका‑इज़राइल की प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य ने पिछले हफ्ते ईरानी रडार साइट्स पर एक श्रृंखला ड्रोनों का उपयोग करके हवाई हमले किया, जबकि इज़राइल ने दो ईरानी द्वीपों पर फाइटर जेट से बमबारी की। दोनों देशों ने कहा कि उनका उद्देश्य ईरान की रॉकेट क्षमता को सीमित करना था। अब ईरान की नई चाल से दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक पुनर्मूल्यांकन की जरूरत स्पष्ट हो गई है।
क्षेत्रीय प्रभाव
इराक, सीरिया और खाड़ी के अन्य देशों में इस विकास को लेकर चिंता बढ़ी है। यदि ईरान वास्तव में अपने मिसाइल स्टॉक को सक्रिय कर लेता है, तो यह न केवल अमेरिकी सैन्य संचालन को मुश्किल बना सकता है, बल्कि इज़राइल‑ईरान तनाव को भी तीव्र कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए इस मुद्दे को कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


