राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे हैं, जहाँ उन्होंने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। इसी बीच पाकिस्तानी-अमेरिकी पत्रकार ज़ोहरान ममदानी द्वारा इस कार्यक्रम के विरोध में की गई सोशल मीडिया पोस्ट ने अमेरिकी मीडिया में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें BBC सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
मोहन भागवत का न्यूयॉर्क दौरा और इस्कॉन मंदिर में संबोधन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपने अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क स्थित दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भारतीय समुदाय और प्रवासी हिंदुओं को संबोधित किया। इस अवसर पर भागवत ने कहा कि विश्व में कई तरह के संघर्ष चल रहे हैं और इन समस्याओं का समाधान कृष्ण चेतना के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और विश्व शांति के विषय पर अपने विचार रखे।
इसके बाद भागवत मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में शामिल हुए, जहाँ हजारों की संख्या में भारतीय मूल के लोग उपस्थित थे। यह कार्यक्रम भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है, क्योंकि आरएसएस प्रमुख का अमेरिकी धरती पर यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है।
ज़ोहरान ममदानी का विरोध और अमेरिकी मीडिया की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी पत्रकार ज़ोहरान ममदानी ने भागवत के इस कार्यक्रम के खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज उठाई और इसे लेकर कई पोस्ट कीं। ममदानी ने कार्यक्रम का विरोध करते हुए इसे भारतीय कट्टरता के प्रचार के रूप में पेश करने का प्रयास किया। उनकी इस पोस्ट पर भारतीय पत्रकार स्मिता प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए और ममदानी की राखी बंधवाने वाली पोस्ट का हवाला देते हुए उनके दोहरे रवैये पर सवाल खड़े किए।
इस पूरे विवाद ने अमेरिकी मीडिया में व्यापक बहस छेड़ दी है। BBC, CNN और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस मुद्दे को कवर किया है। कई अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने मोहन भागवत के कार्यक्रम की कवरेज की, जबकि कुछ ने ज़ोहरान ममदानी के विरोध को भी प्रमुखता से उठाया। भारतीय मीडिया ने भी इस मुद्दे पर जमकर बहस की, जिसमें दैनिक भास्कर, जागरण, नवभारत टाइम्स और आज तक जैसे प्रमुख अखबारों और चैनलों ने विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की।
भारत और अमेरिका में राजनीतिक प्रतिक्रिया
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर भारत से लेकर अमेरिका तक सियासत गरमा गई है। भारतीय राजनीतिक दलों ने भी इस मुद